न्यायमूर्ति एस सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने कहा कि दीवानी अदालतों का सेवा मामलों में सीमित अधिकार क्षेत्र हो सकता है, लेकिन अनुशासनिक प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों पर निर्णय लेने का अधिकार उसके पास नहीं हो सकता.
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